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प्रदेश में चल रहे सभी निजी मेडिकल विश्वविद्यालयों पर प्रतिबंध लगाने का विचार किया जा रहा है

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में चल रहे सभी निजी मेडिकल विश्वविद्यालयों पर प्रतिबंध लगाने का विचार किया जा रहा है। इस पर सरकार द्वारा शीघ्र ही निर्णय लिया जाएगा।
श्री विज ने कहा कि प्रदेश में चलाए जा रहे निजी मेडिकल विश्वविद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की अनेक शिकायतें मिल रही है, जिसके आधार पर सरकार इस प्रकार के विश्वविद्यालयों पर कार्रवाई करने पर विचार कर रही है। इससे इन विश्वविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों के सामने आ रही दिक्कतें दूर हो सकेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी भी निजी मेडिकल कॉलेज की मंजूरी से पहले सरकार एक निर्धारित राशि का बांड भरवाने की योजना पर भी विचार कर रही है ताकि भविष्य में ऐसा कोई मेडिकल कॉलेज विद्यार्थियों को अधर में छोड़ कर न भागे। इसके अलावा, निजी मेडिकल कॉलेजों की कार्य प्रणाली पर निगरानी रखी जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गोल्डफिल्ड चिकित्सा विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान, फरीदाबाद के करीब 400 एमबीबीएस विद्यार्थियों को प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाएगा ताकि उनके भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके। इस संबंध में विभाग ने केन्द्र सरकार एवं मेडिकल कांउसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को पत्र लिखा है। सरकार ने पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक के कुलपति डॉ. ओ पी कालरा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है। इस कॉलेज को मंजूरी कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डïा के कार्यकाल के दौरान दी गई थी।
श्री विज ने कहा कि प्रदेश में नर्सिंग कॉलेज के कामकाज को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए ‘हरियाणा नर्सिंग कॉऊसिंल’ का गठन शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने पंजाब नर्सिंग पंजीकरण अधिनियम-1932 को न तो अंगिकार किया और न ही उसमें संशोधन किया था। इसके फलस्वरूप आज भी नर्सिंग कॉऊंसिल के कुल 17 सदस्यों में 16 सदस्य पंजाब से संबंध रखते हैं। कांग्रेस की हुड्डïा सरकार के दौरान ही मंजूर किये गये 15 एमपीएचडब्ल्यू कॉलेजों में मिली अनियमितताओं की शिकायत पर विजिलैंस जांच के आदेश दिये गये है। पूर्व हुड्डïा सरकार ने चुनाव से मात्र एक माह पहले 15 एमपीएचडब्ल्यू कॉलेज खोलने की मंजूरी प्रदान की थी, जोकि नियमानुसार नही थी।

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