Breaking News
दीपावली पूजन के 11 खास बाते : आचार्य गौरव सहाय संगीत अलौकिक दुनिया से रूह को जोड़ती है: मीनू बांगा व्यक्तित्व विकास के जरिए कैंपस से कारपोरेट तक सफर हो सकता है पूरा: डॉ. सुनीति आहूजा युवा सोच व्यवसाय में ला रही नवीनता : राजीव चावला उद्योगपति एस.एस.बांगा के पहले संपादित पुस्तक ‘तिहाड़ से हरिद्वार’ का हुआ विमोचन बृजनट मंडली द्वारा नाटक दो वर्दियां का किया गया मंचन अपने पैरों पर खड़े होकर युवा दूसरों को उपलब्ध कराएं रोजगार: कुलदीप दूसरों की मदद कर जीवन को सार्थक बनाने की जरूरत: डॉ. रामकुमार विदाई समारोह में कैंपस में बिताए व सिखाए गए पल को याद कर भावुक हुए छात्र पंकज मिश्रा बने पायनियर हिंदी दैनिक हरियाणा के राजनीतिक संपादक

व्यक्तित्व विकास के जरिए कैंपस से कारपोरेट तक सफर हो सकता है पूरा: डॉ. सुनीति आहूजा

photo2

15 दिवसीय कार्यशाला में छात्रों को सिखाए गए बायोडाटा बनाने से लेकर आत्मविश्वास संचार करने के गुर
photo2

फरीदाबाद।
एनएच तीन स्थित डीएवी शताब्दी कॉलेज में छात्रों में आत्मविश्वास का संचार करने और व्यक्तितव विकास के जरिए कैंपस से कॉरपोरेट तक सफर पूरा करने के गुर सिखाए गए। प्रोफेसर डॉ. सुनीति आहूजा के संयोजक में आयोजित 15 दिवसीय कार्यशाला में विशेषज्ञों ने सभी पहलुओं पर छात्रों को बेहतर करने और परिणाम देने में सक्षम स्तर के क्रियान्यवन की अनोखे पहलु से अवगत कराया गया। विभिन्न कंपनियों के विशेषज्ञ छात्रों से रूबरू हुए। उन्हें बाजार के अनुसार तैयार रहने के बारे में बताया।
प्रोफेसर डॉ. आहूजा ने बताया कि 15 दिवसीय कार्यशाला का नाम ‘कैंपस से कॉरपोरेट’ दिया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य नए जमाने के साथ छात्रों के कदमताल करने के साथ कॉरपोरेट में अपने आप को स्थापित करने के बारे में बातया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ के रूप में दीप्ति शुक्ला व पीयूष शुक्ला उपस्थित थे। कार्यशाला की सह-संयोजक डॉ. अंकुर अग्रवाल थी। इस कार्यशाला में छात्रों को कम्युनिकेशन स्किल, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, जॉब के लिए बायोडाटा तैयार करने से लेकर सभी पहलुओं पर फोकस किया गया। किस तरह साक्षात्कार के दौरान छात्रों का व्यवहार हो आदि के बारे में एक्सपर्ट ने अवगत कराए।
dr
कार्यशाला के माध्यम से छात्रों का संपूर्ण व्यक्तित्व विकास करना था। ताकि उनमें आत्मविश्वास का संचार हो सके। जब वे साक्षात्कार के लिए जांए तो वे उतना सक्षम हों कि उनकी नौकरी मिलने में किसी तरह की परेशानी न हो। इस ध्येय को रखकर वर्कशाल का आयोजन किया गया।
प्रोफेसर डॉ. सुनीति आहूजा, कार्यशाला संयोजक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *