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मेजर ध्यान चंद की पुण्यातिथि व खुदीराम बोस को लोकतंत्र सुरक्षा मंच के सदस्यों ने किया याद

भिवानी, 3 दिसम्बर। हमें हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद कुशवाहा व स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस के पदचिन्हों पर चलना चाहिए। यह बात लोकतंत्र सुरक्षा मंच युवा मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश सैनी ने ढाणा रोड पर अपने कार्यालय में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद क ी  पुण्यातिथि व खुदीराम बोस की जयंती पर पुष्पार्पित कर उनकों याद करते हुए कही। सुरेश सैनी ने बताया कि मेजर ध्यानचंद कुशवाहा सैनी का जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद में हुआ। उनकी मृत्यु 3 दिसम्बर 1979 में हुई। उन्होंने 14 वर्ष की आयु में हॉकी स्टिक थामी थी। 16 वर्ष की आयु में आर्मी की पंजाब रेजीमेंट में शामिल हुए और हॉकी के खिलाडिय़ों का अच्छा मार्ग दर्शन प्राप्त किया। 29 अगस्त को भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति के द्वारा अनेक पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। उनका लोहा मानकर ही विदेशी खिलाडिय़ों ने मेजर ध्यानचंद को अपना प्रेरणा स्त्रोत माना एवं स्वतंत्रता सेनानी  खुदीराम बोस के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने अपना  जीवन को जोखिम में डालकर मरते दम तक देश की आजादी के लिए लड़ते रहे। एक क्रांतिकारी होने के साथ-साथ उनमे कई सारे राजनैतिक गुण भी थे। खुदीराम बोस जीवनभर समाज सेवा करते रहे। और अंतत: एक महान क्रांतिकारी आज़ादी की लड़ाई में मात्र 19 साल की उम्र में ही हिंदुस्तान की आजादी के लिए फंासी पर चढ़ गए। वे स्वतंत्रता सेनानियों में सबसे कम उम्र के स्वतंत्रता सेनानी थे। इस अवसर पर अधिवक्ता नवीन, मा. पृथ्वी सैनी, रमेश, इंद्र सिंह, रणबीर भाटी, विनोद चंदेल, राजेश दहिया, प्रवीण, अमित, सुरेंद्र, विजय दहिया, राधे, लाला सैनी, पूनम फौजी, राज कुमार, रोहित, अमित, नरेश, मोहन, राजबीर, राजेंद्र, अनिल चौहान, परमिंद्र, विजय जोशी, रामेश्वर, मोनू, हर्ष आदि उपस्थित थे।

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